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Maharashtra Ganeshotsav Archive
2026-02172
451 Ganpati Idols in Kailash Mansarovar

*एक छोटी सी सोच, और 451 गणपति का परिवार* ये बात है सन 1991 की। उन दिनों मेरी मम्मी ने एक छोटी सी, पर दिल से बड़ी सोच रखी — क्यों न घर के सारे गणपति जी को एक जगह इकट्ठा किया जाए और गणेश चतुर्थी के दस दिन, सबकी एक साथ पूजा की जाए। उस वक्त हमारे घर में कुल 11 मूर्तियाँ थीं। 11 से शुरू हुई ये भक्ति की यात्रा, धीरे-धीरे एक कहानी बनती गई। कभी गणपति बाप्पा कमल के फूल पर विराजे, कभी शिव जी के डमरू में बैठे, कभी रेलगाड़ी में सफर करते दिखे, तो कभी नाव में सवार होकर आए। हर साल एक नई कल्पना, हर साल एक नया रूप। और देखते ही देखते, 11 से ये परिवार बढ़ते-बढ़ते आज *451 गणपति* का बन गया। इस साल हमारी थीम है — *कैलाश मानसरोवर।* हमने ये दिखाने की कोशिश की है कि बुद्धि के देवता, हमारे प्यारे गणपति बाप्पा के उत्सव को हम कितने सुंदर, कितने रचनात्मक तरीके से सजा सकते हैं। और उन्हीं की दी हुई बुद्धि और आशीर्वाद से आज हम कैलाश मानसरोवर की इस दिव्य झलक को आप सभी के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। ये सिर्फ सजावट नहीं, 33 साल की श्रद्धा है। *गणपति बाप्पा मोरया!*
- Kind
- Story
- Place
- Amravati
- Art
- Arranging a Chamber (Śayana-racanā) · Kala 41
- Contributed by
- Recorded, name withheld by the contributor
- Submitted
- 19 September 2026
- Accepted
- 19 September 2026
Evidence
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